नाबालिग था एनकाउंटर में मारा गया विकास दुबे का साथी प्रभात मिश्रा, घर वालों ने दिखाई मार्कशीट

संवाद न्यूज़ नेटवर्क

कानपुर शूट आउट मामले में पुलिस ने गैंगस्टर विकास दुबे का एनकाउंटर करने से पहले उसके कई करीबी साथियों को मौत के घाट उतार दिया था जिसमें प्रभात मिश्रा का नाम भी शामिल है। बताते चलें कि ये वही शख्स है जिसने विकास दुबे का सहयोग करते हुए कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी।

हांलाकि बेटे की काली करतूत उस वक्त इसके परिवार को नहीं दिखी लेकिन उसे मौत के घाट उतारने के बाद परिजनों की ये दलील सामने आई है कि प्रभात मिश्रा अभी नाबालिग था। परिजनों ने सफाई पेश करते हुए ये कहा है कि 29 जून को प्रभात मिश्रा ने कक्षा 12 की परीक्षा पास की थी। जिसके बाद महज 10 दिन के भीतर उसका एनकाउंटर कर दिया गया।

बताते चलें कि प्रभात मिश्रा के कक्षा 10 की मार्कशीट तथा उसके आधार कार्ड पर 27 मई 2004 की जन्मतिथि दर्शायी गई है।वहीं इस पूरे प्रकरण पर कानपुर के आईजी मोहित अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया है कि एनकाउंटर के वक्त उसके उम्र के बारे में किसी भी तरह की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने ये भी बताया कि हरियाणा पुलिस को उसके पास से पुलिसकर्मियों की हत्या में प्रयोग किए जाने वाली पिस्टल बरामद हुई थी।

जब अपराधी पर पुलिस ने 8 जुलाई को शिकंजा कसा तो उसी दिन ये पिस्टल उसके पास मिली थी। उस वक्त फरीदाबाद पुलिस ने भी कहा था कि प्रभात की उम्र 19 वर्ष है। क्योंकि गैंगस्टर विकास दुबे हमेशा युवाओं को ही अपनी टीम का हिस्सा बनाता था।

प्रभात मिश्रा की माता गीता मिश्रा ने दलील दी है कि 2 जुलाई की रात में 1 बजे के करीब जब फायरिंग की आवाज सुनाई दी तो वो लोग उठ गए थे। उन्होंने कहा कि उसे कोई और सजा दे देते।

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