अयोध्या में 492 साल बाद चांदी के सिंहासन पर विराजे रामलला

कोरोना वायरस से निपटने के लिए दुनिया भर के देशों में हड़कंप मचा हुआ है। भारत में भी कोरोना वायरस (Coronavirus) ने तेजी से पैर पसारने शुरू कर दिये हैं। कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या 659 जा पहुंची है। जिसमे 16 लोगों की मौत हो चुकी है.

कोरोना महामारी (Coronavirus) से निपटने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने देशभर के लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग की अपील की है। लेकिन, बुधवार को नवरात्रि के पहले दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) अयोध्या पहुंचे। अयोध्या में भगवान रामलला को टेंट से उनके अस्थायी मंदिर में रखा गया। राम जन्मभूमि परिसर स्थित मानस भवन के नजदीक यह अस्थायी मंदिर बनाया गया है।

मंदिर निर्माण पूरा होने तक रामलला यहीं पर विराजेंगे। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस कदम पर कांग्रेस सहित कई अन्य पार्टियों ने सवाल खड़े किये हैं। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 35 पहुंच चुकी है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि नवरात्रि का पहला दिन है। मां के दरबार में दर्शन के लिए जाने की उनकी भी इच्छा है। हालांकि, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की बात मानी। लेकिन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी बात नहीं मानते। वे भीड़ के साथ दर्शन कर रहे हैं तो फिर यूपी की जनता पीएम की बात कैसे माने?

वहीं योगी सरकार में मंत्री सुरेश खन्ना का कहना है कि रामलला को अस्थायी मंदिर में शिफ्ट किया जाना भी जरूरी था। यह पहले से तय था। बतौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कर्तव्य का पालन किया है। उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया। वे तड़के वहां पहुंचे। उन्होंने वहां सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश की जनता को कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने के लिए हर एक अहम निर्णय ले रहे हैं।

बुधवार को सुबह ब्रह्म मूहूर्त में करीब 4 बजे श्रीराम जन्मभूमि परिसर में स्थित गर्भगृह में रामलला को स्नान और पूजा-अर्चना के बाद अस्थायी मंदिर में शिफ्ट किया गया। बुलेटप्रूफ फाइबर के नए मंदिर में रामलला को विराजमान करने के लिए अयोध्या के राजघराने की तरफ से चांदी का सिंहासन भेंट किया गया है। साढ़े नौ किलो के इस सिंहासन का निर्माण जयपुर में हुआ है।

उसके पिछले हिस्से पर सूर्य देव की आकृति और दो मोर से सजे जिस आकर्षक सिंहासन पर श्रीरामलला विराजमान हुए हैं। अभी तक मूल गर्भगृह के अस्थायी मंडप में रामलला लकड़ी के सिंहासन पर विराजित थे। अयोध्या राजघराने के राजा विमलेंद्र मोहन मिश्र स्वयं सिंहासन लेकर अयोध्या से आए थे। ​​​

मंत्रोच्चार के साथ रामलला को उनके तीनों भाइयों और सालिकराम के विग्रह के साथ अस्थायी नए आसन पर विराजित किया गया। नए मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला की आरती की। इस दौरान सीएम योगी ने भव्य मंदिर के निर्माण हेतु 11 लाख रुपये का चेक भेंट किया।


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