लॉकडाउन की बेबसी: 15 दिनों से बच्चे भूख से तड़प रहे थे, पिता से नहीं देखा गया कर ली ख़ुदकुशी

संवाद न्यूज़ डेस्क

कानपुर: जहां एक तरफ कोरोना से देश की जनता को बचाने के लिए लॉकडाउन किया गया है तो वहीं गरीब और बेबस लोग भूख से भी परेशान हैं। इस लॉकडाउन की मार गरीबों को बेरहमी से झेलनी पड़ रही है।

कुछ ऐसा दुखद मामला यूपी के कानपुर शहर से सामने आया है जहां भूख से तड़प रहे बच्चों के पिता ने आत्महत्या कर ली। वहीं इस दुखद मामले पर प्रशासन भी कुंडली मार कर बैठा है। जैसा कि हर केस में किया जाता है वैसे ही इस केस में भी पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

बताते चलें कि ये पूरा मामला काकादेव थाना अंतर्गत राजापुरवा का है। जहां के रहने वाले 40 वर्षीय विजय अपने छोटे बच्चों को भूख से तड़पता नहीं देख पाए और आत्महत्या करने पर मजबूर हो गए। विजय के पास बच्चों को देने के लिए कुछ भी नहीं था। वो दर-दर भटक कर काम की तलाश करता रहा लेकिन उसे लॉकडाउन की वजह से कहीं भी काम नहीं मिला। भूख और गरीबी ने जीना मुश्किल कर रखा था।

बता दें कि विजय के 4 बच्चे हैं जिनको विगत 15 दिनों से सही से भोजन नहीं मिल रहा था। मृतक की पत्नी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि लॉकडाउन की वजह से कहीं भी काम नहीं मिल रहा था। जिसके कारण पास में जो भी पैसा था या खाने-पीने का राशन था वो सब खत्म होता चला गया। इन सबसे तंग आकर विजय परेशान रहने लगा।

हांलाकि कई लोग ऐसे थे जो विजय की मदद करना चाहते थे लेकिन शर्म और संकोच के मारे विजय चुप रहते थे। जब उनसे भूखे बच्चों का कष्ट नहीं देखा गया तो आत्महत्या कर लिए। पीड़िता ने बताया कि घर में कुछ गहने थे जिनको बेचकर कुछ पैसे लाने का प्रयास किया गया लेकिन दुकान नहीं खुली होने के कारण वो नहीं बिक पाए।

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