प्रवासी श्रमिकों के दर्द पर कांग्रेस घड़ियाली आंसू बहा रही हैं, देश से मांगे माफी

संवाद न्यूज़ डेस्क

लॉकडाउन की मार झेल रहे श्रमिकों को लेकर यूपी सरकार और राजस्थान सरकार में तनातनी शुरू हो गई है। यूपी के डिप्टी सीएम डॉक्टर दिनेश शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि श्रमिकों के दर्द को लेकर कांग्रेस घड़ियाली आंसू बहा रही है। कांग्रेस ऐसा काम इसलिए कर रही है ताकि वो लोकप्रिय बन सके। उन्होंने आगे ये भी कहा है कि कांग्रेस को देश व श्रमिकों से माफी मांगना चाहिए।

बताते चलें कि इन दिनों मजदूरों का दर्द राजनीतिक पार्टियों के लिए एक मुद्दा बन चुका है। जिस पर सभी अपने पैंतरे आजमाने में लगे हैं। इन सभी लोगों के बीच में बेबस और लाचार मजदूर आए दिन पिस रहे हैं। कोई बस मंगवा रहा है तो कोई बस वापस भेज रहा है। कोई गरीबों के दर्द का वीडियो बना रहा है तो कोई इसे घड़ियाली आंसू बता रहा है।

इन पार्टियों की आपसी लड़ाई में श्रमिकों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उनको ये समझ ही नहीं आ रहा है कि बस मिलेगी या नहीं मिलेगी। क्योंकि एक मदद करने के लिए हांथ बढ़ाता है तब तक दूसरा अपना पैंतरा लगा कर उस हांथ को पीछे करा देता है।

फिलहाल डिप्टी सीएम डॉक्टर दिनेश शर्मा ने राजस्थान सरकार के ऊपर जमकर आरोप लगाए हैं। जिसमें उन्होंने बयान दिया है कि कोटा से बच्चों को यूपी बॉर्डर तक पहुंचाने की आड़ में कांग्रेस ने पूरी बेशर्मी के साथ डीजल और किराए का भी पैसा राज्य सरकार से ले लिया। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि राजस्थान सरकार ने इसके भुगतान के लिए पहले तो 27-28 अप्रैल को एक पत्र लिखकर भेजा और फिर 8 मई को रिमाइंडर भी भेज दिया।

फिलहाल इसका भुगतान यूपी सरकार द्वारा 20 मई को ही कर दिया गया है। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने बताया कि कोटा में फंसे यूपी के बच्चों की घर वापसी को लेकर योगी सरकार ने फैसला लिया कि उन्हें सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया जाए। इसको लेकर ऐसा कयास लगाया गया कि इन बच्चों की संख्या तकरीबन 10 हजार के आसपास होगी।

इसको देखते हुए बसें तो भेज दी गईं परन्तु बच्चों की संख्या 12 हजार थी। बच्चों की समस्या को देखते हुए राजस्थान सरकार से अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने को कहा गया। जिसके बाद कुछ अधिकारियों ने कहा कि हम बस की व्यवस्था करेंगे लेकिन इसका किराया देना होगा। इसीलिए लिखित तौर पर ही अनुरोध करें। इतना ही नहीं हमारी जिन बसों में डीजल भरा गया उसका भी भुगतान कर लिया गया।

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