कानून के शिकंजे में फंसे बाबा रामदेव

संवाद न्यूज ब्यूरो

 

लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड नोएडा के निदेशक योग गुरु बाबा रामदेव, जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर बृजेश नारायण सिंह और मुख्य अधिशाषी अधिकारी यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण अरुण वीर सिंह को अवमानना नोटिस जारी की है। इन पर कोर्ट के यथास्थिति कायम रखने के आदेश की अवेहलना करने का आरोप है।

यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने गौतमबुद्ध नगर के कादरपुर गांव के किसान सोहन लाल की अवमानना याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता प्रेम कुमार चौरसिया ने बहस की। याची का कहना है कि प्लाट संख्या 172 ‘ए और 172 ‘बी के अधिग्रहण की वैधता को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने याचिका पर जवाब मांगा और विवादित जमीन पर यथा स्थिति बनाए रखने का 26 अप्रैल 2013 को आदेश दिया था।

 

याची की जमीन यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण के पक्ष में अधिग्रहीत की गई जिसे योग गुरु बाबा रामदेव की आयुर्वेद उत्पादों की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद को आवंटित किया गया है। कोर्ट के स्थगनादेश के बावजूद कंपनी ने याची के प्लाट को कंटीले तारों से घेर लिया है। इसकी शिकायत किए जाने के बावजूद कोर्ट के आदेश की लगातार अवहेलना की जा रही है। कोर्ट ने विपक्षियों को एक माह में आदेश के पालन का मौका दिया है।

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