अपने तो अपने होते हैं, देखीए स्पेशल रीपोर्ट

संवाद न्यूज(हिमांशु राय)

मुलायम सिंह यादव का 79वां जन्मदिन खूब धूमधाम से मनाया गया। बेटे अखिलेश यादव ने पिता मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन की तैयारी समाजवादी पार्टी के दफ्तर में की थी। मुलायम सिंह यादव ने भी अखिलेश को केक खिलाया और इसके बाद अखिलेश यादव ने पैर छूकर पिता का आशीर्वाद लिया। एक लंबे समय के बाद पिता और पुत्र को एक साथ देखकर दफ्तर में खुशी का माहौल था।

मुलायम सिंह यादव को जन्मदिन की बधाई तो लगभग सभी चैनलों ने दी लेकिन हम आपको बताएंगे कि किस तरह से उन्होंने अपनी एक छवि बनाई और समाजवादी पार्टी के विकास का मार्ग प्रशस्त किया। आइए ध्यान देते हैं उनके जीवन की एक झलक पर-

मुलायम सिंह यादव का जन्म 22 नवंबर 1939 में इटावा जिले के सैफई गांव में हुआ था। मुलायम सिंह यादव के पिता जी का नाम सुघर सिंह और माता जी का नाम मूर्ती देवी है। राजनीति में आने से पहले मुलायम सिंह यादव आगरा विश्वविद्दयालय से एम. ए. और जैन इंटर कॉलेज करहल से बी.टी. करने के बाद कुछ दिनों तक इंटर कॉलेज में अध्यापन कार्य भी कर चुके हैं।

वर्ष 1954 में मुलायम सिंह यादव के अंदर राजनीतिक तेवर तब देखने को मिले जब उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया के आह्वान पर “नहर रेट आंदोलन” में भाग लिया और पहली बार जेल गए। मुलायम सिंह यादव 1967 में पहली बार विधानसभा के सदस्य चुने गए और मंत्री बन गए। 1992 में मुलायम सिंह ने समाजवादी पार्टी बनाई। वे तीन बार क्रमशः 5 दिसम्बर 1989 से 24 जनवरी 1991 तक, 5 दिसम्बर 1993 से 3 जून 1996 तक और 29 अगस्त 2003 से 11 मई 2007 तक यूपी के मुख्यमंत्री रहे।

इतना ही नहीं मुलायम सिंह यादव रक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। यूपी के यादव परिवार में एक बड़े नेता के रूप में मुलायम सिंह यादव की पहचान है।

 

समाजवादी पार्टी के दफ्तर में अखिलेश यादव अपनी पूरी टीम के साथ मौजूद थे। पिता और पुत्र का प्रेम एक नए अंदाज में दिख रहा था। मुलायम सिंह यादव ने मंच से ही कहा कि अखिलेश को आशीर्वाद देते हैं और देते भी रहेंगे। अखिलेश यादव ने पिता को एक पश्मीना की शॉल ओढ़ाई थी। इस पर मुलायम सिंह यादव ने कहा कि इस शॉल के लेकर देश भर में चर्चा है कि आपने अखिलेश को आशीर्वाद दिया। मैंने कहा कि लड़का है और राजनीति भी करता है। तो लड़का पहले और नेता बाद में।

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वहीं दूसरी तरफ अखिलेश ने मुलायम सिंह यादव का हाथ पकड़कर केक कटवाया। अखिलेश यादव की इच्छा थी कि मुलायम सिंह यादव पहले केक खाएं लेकिन मुलायम सिंह ने पहले बेटे को केक खिलाया। मुलायम सिंह ने अखिलेश यादव को कुछ समझाया भी। काफी खुशनुमा माहौल था। हालांकि हर समय में साथ रहे चाचा शिवपाल पार्टी में मौजूद नहीं रहे।

 

कैसा रहा पिता पुत्र का वो खुशनुमा माहौल देखीए इस वीडियो में। सौजन्य से सोशल मीडिया।

 

 

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