इन दो बड़ी वजहों से चुनाव हार गए निरहुआ

संवाद न्यूज (हिमांशु राय)

काफी लंबे चले सियासी उथल पुथल के बाद आखिरकार उम्मीदवारों के किस्मत का फैसला हो ही गया। कहीं कमल खिला तो कहीं गठबंधन ने दम दिखाया। ये फैसला सिर्फ राजनेताओं के लिए ही अहम नहीं है बल्कि जनता की सूझबूझ को भी दर्शाता है। बीजेपी की दमदार जीत के बावजूद भी कई ऐसे दिग्गज जो बीजेपी से टिकट लेकर चुनाव लड़ रहे थे लेकिन अपने बढ़े हुए अहंकार और जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास के चलते चुनाव हार गए। जिससे एक बात तो बिल्कुल आईने की तरह साफ हो गई कि चाहे शासनकाल किसी का भी हो और वो कितना भी शेखी बघार ले।

अंत में फैसला जनता ही करती है। अब एक नया प्रचलन चलने लगा है कि फिल्म अभिनेता भी राजनीति में घुसने के लिए काफी उत्सुक दिखाई देने लगे हैं। दिन प्रतिदिन राजनीति एक ढाबा बनती जा रही है। जहां हर कोई अपनी किस्मत की रोटी बनाकर जनता को खिलाना चाहता है। ताकि जनता उस रोटी को खाकर वहीं अपना आशियाना बना ले। कभी कभी इन अभिनेताओं का आत्मविश्वास इतना दिखने लगता है कि फिल्मी दुनिया में बोले जाने वाले डायलॉग ये जनता के सामने आकर वास्तविक जीवन में भी बोलने से पीछे नहीं हटते हैं। एक बार भी ये नहीं सोचते की बोली गई वाणी का कितना बड़ा असर देखने को मिल सकता है। ये अभिनेता बड़बोलेपन का शिकार होकर भगवान को भी चुनौती देने में पीछे नहीं हटते हैं।

दरअसल आजमगढ़ में करारी हार के बावजूद भी दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ बाजीगर बनने की तैयारी में हैं। यूपी से निरहुआ भले ही हार गए हों लेकिन हारने के बावजूद वो अपने विरोधियों से खूब मजा ले रहे हैं। उन्होंने विरोधियों को जलाते हुए एक ट्वीट किया जिसमें लिखा था कि ना ये देश रूकेगा, ना ये देश झुकेगा आएगा तो मोदी ही। कहते हैं कि खुद पर भरोसा करना बुरी बात नहीं लेकिन जब वो अहंकार का रूप ले लेता है तो जीवन में सुनामी आते देर नहीं लगती। शायद यही वजह बनी निरहुआ के हारने की। दरअसल उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान जनता को संबोधित करते हुए कहा था कि उन्हें भगवान भी नहीं हरा सकता है।

साभार से- सोशल मीडिया

उनका ये बड़बोलापन चर्चा का विषय बन गया और जनता ने भी अपना फैसला सुनाने में देर नहीं की। क्योंकि इससे साफ हो रहा था कि निरहुआ काफी ज्यादा आत्मविश्वास में हैं। वहीं ये भी कयास लगाए जा रहे थे कि शायद वो अखिलेश यादव को हरा भी देंगे। लेकिन आजमगढ़ की राजनीति को जमीनी स्तर से देखने वाले लोग ये जान रहे थे कि क्षेत्र के यादव वोटर्स भी पूरी तरह निरहुआ का साथ नहीं दे रहे हैं। निरहुआ के हार की दूसरी वजह बने आजमगढ़ में विशाल मुस्लिम समुदाय के लोग। आजमगढ़ का विशाल मुस्लिम वोट बैंक समाजवादी पार्टी का ही वोटर रहा है।

इस परिस्थिति में इस समुदाय का दूसरी तरफ हांथ बढ़ाना नामुमकिन है। इस तरह यादवों के बंटे वोट और मुस्लिम समुदाय के एकतरफा चोट ने निरहुआ को धाराशाई कर दिया। लेकिन हार जाने के बावजूद भी निरहुआ ने अपना हीरो वाला अंदाज नहीं छोड़ा। अब ऐसा माना जा रहा है कि हार के बाद निरहुआ पुन: फिल्म की शूटिंग के लिए चले जाएंगे। क्योंकि यदि वो चुनाव जीत जाते तो फिल्मी दुनिया शायद छोड़ देते।

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