आखिर  मोदी ने ऐसा क्यों बोला, कि सिब्बल चाहते है राम मंदिर रोका जाए 

​संवाद न्यूज़ ब्यूरो

 

नरेन्द्र मोदी बीजेपी के लिए प्रचार करते हुए अयोध्या विवाद पर खुलकर बोलते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्‍बल की दलील पर सवाल उठाए. उन्‍होंने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर कपिल सिब्‍बल किस आधार पर कह सकते हैं कि 2019 में अगले लोकसभा चुनाव के बाद सुनवाई हो.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद पर सुनवाई के दौरान सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से पक्ष रख रहे कपिल सिब्बल ने कोर्ट में कहा था कि राम मंदिर मामले को 2019 के लोकसभा चुनाव तक रोका जाएगा. सिब्बल ने कहा था कि अयोध्या पर कोर्ट के फैसले का राजनीतिक लाभ लिया जा सकता है.

नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘ मुझे इस बात पर कोई आपत्ति नहीं है कि कपिल सिब्बल मुस्लिम समुदाय की तरफ से लड़ रहे हैं. यह उनका अधिकार है. लेकिन कपिल सिब्बल का ये कहना ठीक है कि 2019 के लोकसभा चुनाव तक अयोध्या विवाद की सुनवाई टाली जाए?

क्यों वे राम मंदिर को चुनाव के साथ जोड़ रहे हैं. अब कांग्रेस चुनाव को राम मंदिर से जोड़ रही है, क्या आप (कांग्रेस) चुनाव के लिए राम मंदिर को लटकाना चाहते हो?’’

उन्होंने कहा, ‘यह साफ है कि मैं तीन तलाक के मुद्दे पर चुप नहीं रहूंगा। हर चीज चुनाव के बारे में नहीं होती. यह मुद्दा महिलाओं के अधिकारों का है. चुनाव इंसानियत के बाद आता है.’

अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का कल पहला दिन था. सुप्रीम कोर्ट को तय करना है कि अयोध्या में विवादित जमीन किसकी है? रामलला विराजमान की, निर्मोही अखाड़ा की या फिर सुन्नी वक्फ बोर्ड की? सुप्रीम कोर्ट में अब इस मामले की अगली सुनवाई आठ फरवरी को होगी. राम मंदिर का मुद्दा बरसों से चुनावों में खूब उछलता रहा है, इस बार भी गुजरात चुनाव से ऐन पहले मंदिर पर संग्राम छिड़ गया है.

पीएम मोदी ने  कहा कि यहां के लोगों से हमारा करीबी रिश्ता रहा है. बिना नाम लिए पीएम मोदी मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि एक परिवार का भला करने के लिए देश में लगातार साजिशें चलती रही और सरदार पटेल को भुला दिया गया.