SSC पेपर लीक मामले पर अब सुप्रीमकोर्ट सख्त, सोमवार को होगी सुनवाई

 

केंद्रीय गृह मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारी चयन आयोग 21 फरवरी को हुई परीक्षा में कथित पेपर लीक की जांच सीबीआई से करवाने पर राजी हो गया है। हालांकि परीक्षार्थी 17 से 22 फरवरी तक हुए कम्बाइंड ग्रेजुएट लेवल टीयर-2 की सभी परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। उन्होंने सभी मांगें नहीं माने जाने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।

सीजीओ कॉप्लेक्स स्थित एसएससी ऑफिस के बाहर छह दिन से चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के मामले को संज्ञान में लेते हुए रविवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने एसएससी अध्यक्ष असीम खुराना को तलब किया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी भी छात्रों के साथ गृह मंत्री से मिले। इस दौरान परीक्षार्थियों ने उन्हें अपनी मांगों से अवगत कराया।

राजनाथ ने छात्रों को आश्वस्त किया कि उनके साथ कोई नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। खुराना ने एक बयान जारी कर कहा कि आयोग 21 फरवरी को हुई परीक्षा में कथित रूप से पेपर लीक के आरोपों की जांच के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश करने को तैयार है। वहीं दूसरी ओर समाज सेवी अन्ना हजारे ने भी छात्रों के बीच पहुंचकर अहिंसा का पाठ पढ़ाते हुए अपना समर्थन देने की घोषणा की।

छात्रों की मांगें
– 17 से 22 फरवरी तक हुए कम्बाइंड ग्रेजुएट लेवल टीयर-2 की सभी परीक्षाओं की सीबीआई जांच समेत अन्य परीक्षाओं की भी सीबीआई जांच हो
– परीक्षा करवाने वाले वेंडर्स को तत्काल बदला जाए
– एसएससी परीक्षाओं के संदर्भ में पांच छात्रों की कमेटी बनाकर आयोग उसे मान्यता दे ताकि परीक्षा में नए सुधारों के बारे में कमेटी आयोग को सुझाव दे सके
– छात्रों की शिकायतों का तुरंत जवाब दिया जाए और सिस्टम को पारदर्शी बनाया जाए

क्या है मामला
छात्रों का कहना है कि 17 से 22 फरवरी तक सीजीएल टीयर-2 का पेपर हुआ। 21 फरवरी को परीक्षा के बाद छात्र केंद्रों से बाहर निकले तो उन्होंने सोशल मीडिया पर वही प्रश्न पत्र शेयर होते देखे, जो वे हल करके आए थे। छात्रों ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर शेयर हुए पेपर की कॉपी के सबूत जुटाकर एसएससी अधिकारियों से शिकायत की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.