लॉकडाउन : घर नहीं लौट पाए माता-पिता, तो पुलिस ने बच्चों के लिए पुलिस स्टेशन में बना दिया स्कूल

हमारे देश में कई ऐसे लोग हैं जो वाकई कुछ गर्व महसूस करने जैसा काम करते हैं। अपनी मिली हुई जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए अन्य कई कामों में भी बड़ी शालीनता से सक्रिय दिखाई देते हैं। दरअसल दिल्ली स्थित ग्रेटर कैलाश में कुछ बच्चों के परिजन अन्य स्थानों पर लॉकडाउन के कारण फंस गए। जिसके बाद इन परिजनों के 5 बच्चों को पुलिस स्टेशन लाया गया। इनमें दो लड़कियां और तीन अन्य बच्चे शामिल हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक लड़कियां कैलाश कॉलोनी स्थित एमसीडी आदर्श स्कूल में पढ़ाई करती हैं। एक कक्षा 4 तो दूसरी कक्षा एक में पढ़ाई करती है। इनके अलावा जो तीन बच्चे हैं वो किसी स्कूल में पढ़ाई नहीं करते हैं। फिलहाल इन सभी बच्चों को पढ़ाने के लिए पुलिस स्टेशन को ही स्कूल बना दिया गया है। पुलिस ने ये सराहनीय कदम सिर्फ इसीलिए बढ़ाया है ताकि इन बच्चों की पढ़ाई में लॉकडाउन किसी भी प्रकार से बाधक न बन सके।

बताते चलें कि इन बच्चों को दो हेड कांस्टेबल नीलम और तारा चंद प्रतिदिन नियम से शिक्षा दे रही हैं। इन बच्चों को विगत 10 अप्रैल से ही रोजाना 1 घंटे तक शिक्षा दी जाती है। मिली जानकारी के अनुसार इन बच्चों के माता –पिता शुरूआती समय में इस पक्ष में नहीं थे कि उनके बच्चों की शिक्षा कुछ इस तरह से संचालित की जाए लेकिन वक्त की नजाकत को देखते हुए वो भी राजी हो गए।

वहीं बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए बड़े अधिकारियों ने भी उन्हें पठन-पाठन की सामग्री उपलब्ध करवाई। इसके अलावा पुलिस कॉलोनी का निरीक्षण भी कर रही है तथा जरूरतमंद लोगों तक भोजन भी पहुंचा रही है। इन बच्चों के लिए ग्रेटर कैलाश पुलिस स्टेशन ही इस समय स्कूल बन गया है। बच्चों को पुलिस ने मास्क और भोजन भी दिया है।

ये कार्य पुलिस कर्मियों के लिए सराहना के योग्य है। जब दुनिया में कोरोना का प्रलय है और ये कोरोना योद्धा अपनी ड्यूटी निभाते हुए भी इस तरह के सराहनीय कार्य करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

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