बीजेपी के साथ कदम से कदम मिलाकर चल पड़ीं अपर्णा यादव, कुछ इस तरह लिया फैसला

संवाद न्यूज (हिमांशु राय)

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लोकसभा चुनाव 2019 के करीब आते ही अयोध्या राम मंदिर को लेकर बयानबाजी का सिलसिला फिर से गर्म हो गया है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर कई नेताओं की तरफ से अलग-अलग बयान आ रहे हैं। अब इस मामले में यूपी के सबसे बड़े सियासी कुनबे ने यानी कि मुलायम परिवार की छोटी बहू अपर्णा यादव ने भी राम मंदिर को लेकर अपनी बात रखी है।

उन्होंने बीजेपी को पूर्ण समर्थन दिया और कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए। ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि अपर्णा यादव के इस बयान से सियासी गलियारों में तरह-तरह की बातें शुरू हो सकती हैं।

साभार से – सोशल मीडिया

आपको बताते चलें कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर बीजेपी पहले से ही मुखर रही है। वहीं दूसरी तरफ राम मंदिर के निर्माण को लेकर समाजवादी पार्टी हमेशा से बीजेपी पर हमला बोलती रही है। लेकिन सपा परिवार से आया यह बयान सपा के लिए मुसीबत भी खड़ी कर सकती है।

गौरतलब है कि यूपी के बाराबंकी में बुधवार को यूपी के ही पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव ने कहा कि मुझे सुप्रीम कोर्ट पर विश्वास है और मेरा मानना है कि अयोध्या में राममंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए। आपको ये भी बता दें कि अपर्णा यादव का राम मंदिर निर्माण पर रुख उनकी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से बिल्कुल ही अलग है।

कुछ दिनों पहले राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी के स्थापना दिवस के कार्यक्रम में अपर्णा यादव अपने चाचा शिवपाल यादव के साथ नजर आई थीं। इसी दौरान अपर्णा यादव ने कहा था कि ‘यहां 24 राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई थी।

यदि सारे लोग एक साथ आ जाएं तो एक शक्ति बन जाएगी। इसीलिए शक्ति को इकट्ठा करें और इस दल को अब बल में बदल दीजिए। उन्होंने कहा कि मैं चाहती हूं कि सेक्युलर मोर्चा मजबूत हो और मजबूती के साथ-साथ अपने लोकतंत्र को मजबूत करें।

यह ध्यान देने वाली बात है कि राम मंदिर के निर्माण पर हाल ही में बयानबाजियां बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। बुधवार को ही केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राम मंदिर के निर्माण पर कोर्ट को ही निशाने पर लेते हुए कहा कि राम मंदिर के मुद्दे पर फैसला सुनाने के लिए कोर्ट के पास अब समय नहीं है।

आतंकियों और अन्य मामलों में न्यायालय रात में भी अपना फैसला सुना देती है। बावजूद इसके करोड़ो हिंदुओं की आस्था से जुड़े राम मंदिर के निर्माण के मामले को अभी तक नहीं सुलझाया जा सका है। यह काफी दुख की बात है।

वहीं दूसरी तरफ बात की जाए तो बीजेपी के बहुमत में होने और घोषणा पत्र में भी राम मंदिर निर्माण के शामिल होने के बाबजूद भी केंद्र आखिर अध्यादेश क्यों नहीं ला सकी? इस सवाल के उत्तर में उन्होंने कहा कि चाहे अध्यादेश हो या कोर्ट का फैसला हो राम मंदिर का निर्माण होकर ही रहेगा।

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