176 वर्षों बाद लाल और नीला दिखा चांद, भारत में चंद्रग्रहण की पहली तस्वीर,

संवाद न्यूज़ ब्यूरो

आज होने जा रहा पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में देखा जाएगा. इस ग्रहण को खग्रास चंद्रग्रहण कहा गया है, जिसके तहत चंद्रमा का कुछ हिस्सा छुप जाएगा. ये ग्रहण लगभग 150 साल बाद आया है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, चंद्र ग्रहण तब होता है जब धरती और सूरज के बीच में चंद्रमा आ जाता है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है क्योंकि हम लोग धरती से यह खगोलीय घटना देख रहे होते हैं और धरती की छाया काफी बड़ी होती है लिहाजा चंद्र ग्रहण की खासियत यह होती है कि दुनिया में एक ही समय पर शुरू होता है और एक ही समय पर खत्म होता है वैसे तो चंद्र ग्रहण को लेकर तमाम अंधविश्वास अलग-अलग देशों में प्रचलित हैं लेकिन सही बात यह है कि इस आसमानी घटना का हमारे जीवन पर कोई असर नहीं पड़ता है.

कैसे लगता है चांद को ग्रहण

आमतौर पर चंद्र ग्रहण तब होता है, जब सूर्य, पृथ्वी और चांद ऐसी स्थिति में होते हैं कि थोड़ी देर के लिए पूरा चांद स्पेस में धरती की परछाई से गुजरता है. पूरा चांद इस परछाई से छिप जाता है और केवल एक रौशनी का रिंग ही नज़र आता है. इसे पूर्ण चंद्र ग्रहण कहते हैं.

ऐसे दिखता है सुपर ब्लू मून

धरती की कक्षा से गुज़रते वख्त जब, चांद और धरती की दूरी सबसे कम होती है तो उसे ही सुपरमून कहा जाता है. धरती के बेहद करीब होने के कारण रोज़ की अपेक्षा में चांद 14 फीसद तक ज्यादा बड़ा और 30 फीसद तक ज्यादा चमकीला दिखता है. ये फर्क इंसान अपनी आंखों से साफ देख सकता है. इसी चमक के कारण चांद हल्का नीला हो जाता है, जिससे इसका नाम ब्लू मून पड़ा.

आखिर क्या होता है ब्लड मून

धरती के वायुमंडल से गुजरते समय सूर्य की लालिमा वायुमंडल में फैल जाती है. जब ये लालिमा चाँद पर पड़ती है तो वह हल्का लाल सा दिखता है. इसे ही ब्लड मून कहते हैं. अब चूंकि 31 जनवरी की रात को चांद धरती के काफी करीब भी होगा और पृथ्वी की परछाईं से भी गुजरेगा, साथ ही ये घटना सूर्योदय से ठीक पहले और सूर्यास्त के ठीक बाद घटेगी. इसीलिए इसे सुपर ‘ब्लू ब्लड मून’ कहा जा रहा है.

कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो इससे पहले 31 मार्च 1866 में चंद्र ग्रहण के समय नीला चांद नज़र आया था और अब 31 दिसंबर 2028 को ही ये नज़ारा दोबारा देखने को मिलेगा.

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दुनिया भर में चंद्र ग्रहण की शुरुआत भारतीय समय अनुसार, शाम 4:21:15 बजे होगी इस समय चंद्रमा धरती की सबसे हल्की छाया यानी Penumbra में प्रवेश करेगा लेकिन भारत में उस समय दिन होगा और चंद्रमा आसमान में नजर नहीं आ रहा होगा लिहाजा इसे भारत से नहीं देखा जा सकेगा इसके बाद शाम 5:18:27 बजे आंशिक चंद्र ग्रहण शुरू होगा लेकिन इस समय तक भारत के एक बड़े हिस्से में चंद्रोदय नहीं हुआ होगा लिहाजा आंशिक चंद्रग्रहण की शुरुआत भी भारत से नहीं दिखेगी दिल्ली की बात करें तो यहां पर चंद्रोदय शाम 5:53:54 बजे पर होगा इसके आधे घंटे बाद दिल्ली के ज्यादातर जगहों पर चंद्रमा को देखा जा सकेगा यानी दिल्ली में चंद्रोदय के वक्त आंशिक चंद्रग्रहण लगा हुआ चंद्रमा निकलेगा यही स्थिति तकरीबन पूरे देश में रहेगी.

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पूर्ण चंद्र ग्रहण शाम 6:21:47 बजे पर शुरू होगा यह पूरे देश में देखा जाएगा और पूर्ण चंद्र ग्रहण की सबसे गहन स्थिति शाम 6:59:49 बजे पर होगी पूर्ण चंद्र ग्रहण की स्थिति रात को 7:37:51 बजे पर खत्म हो जाएगी आंशिक चंद्रग्रहण रात 8:41:11 बजे पर खत्म हो जाएगा और उसके बाद penumbral चंद्र ग्रहण रात 9:38:27 बजे पर खत्म हो जाएगा.

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बीएम बिड़ला विज्ञान केन्द्र के निदेशक बीजी सिद्धार्थ ने कहा कि बुधवार को पड़ने वाला पूर्ण चंद्रग्रहण भारत से दिखाई देगा. इसमें चंद्रमा लाल भूरा रंग लेगा जिसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है. केन्द्र के मुताबिक इस घटना को ब्लू मून और सुपर मून का भी नाम दिया गया है.

इस अद्भुत घटना को विस्तृत रूप से बताते हुए सिद्धार्थ ने कहा कि चंद्रग्रहण के दौरान पृथ्वी, सूर्य और चन्द्रमा के बीच में आ जाती है और पृथ्वी की छाया चांद पर पड़ती है.

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सिद्धार्थ ने कहा, ‘यदि तीनों लगभग एक ही रेखा पर आते हैं तो पूर्ण चंद्रग्रहण है. यहां तक कि पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान सूर्य की कुछ किरणें पृथ्वी के वायुमंडल के माध्यम से अपवर्तित होती हैं और चन्द्रमा हल्की भूरी लाल चमक ले लेता है और यही 31 जनवरी को घटित होगा. कुछ लोग इसे ‘ब्लड मून’ भी कहते हैं.’

चंद्र ग्रहण को देखने के लिए किसी भी खास इंतजाम की जरूरत नहीं होती है इसको आपको भी आंखों से भी देख सकते हैं इससे किसी तरह के नुकसान की संभावना नहीं होती है लेकिन चंद्रमा को टेलिस्कोप के जरिए देखने में अपना ही एक मजा है इस तरह के इंतजाम देश के अलग-अलग शहरों में किए गए हैं राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां पर नेहरू तारामंडल में टेलिस्कोप के जरिए चंद्र ग्रहण देखने का इंतजाम आम जनता के लिए किया गया है.

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