लद्दाख सीमा पर तनाव: चालबाज चीन को ऐसे मुंहतोड़ जवाब देगा भारत !

संवाद न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच का तनाव कम होने की बजाय बढ़ता दिखाई दे रहा है। लद्दाख के वास्तविक नियंत्रण रेखा पर दोनों देशों के बीच फिर तनातनी का माहौल बन गया है। चीन की हरकतों को देखकर भारत भी काफी सतर्क हो चुका है और ये संकेत दिया है कि यदि कोई भी चालाकी हुई तो बख्शा नहीं जाएगा।

बताते चलें कि भारत ने काराकोरम दर्रा क्षेत्र में चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अपनी सेना को तैनात कर दिया है। भारत को ये फैसला इसलिए लेना पड़ा क्योंकि विगत कुछ दिनों से चीन तरह-तरह की हरकतें कर रहा है और नियंत्रण रेखा पर भारतीय सैनिकों के साथ नोक-झोंक भी कर चुका है। इसीलिए कोई भी अनहोनी हो इसके पहले भारत ने अपने कदम को मजबूत कर लिया है।

इस मामले पर मंगलवार को ही देश के पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक सुरक्षा बैठक की जा चुकी है। गालवन घाटी तथा पैंगोंग क्षेत्र में दोनों देशों के सैनिकों के बीच तनावपूर्ण स्थिति को मद्देनजर रखते हुए पीएम मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल व रक्षा विभाग के प्रमुख जनरल बिपिन रावत के साथ एक बैठक की है।

वहीं दूसरी तरफ बिपिन रावत ने भी लद्दाख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सैन्य स्थिति की जानकारी देते हुए परिस्थितियों को संभालने का आग्रह किया है। एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया है कि हम नियंत्रण रेखा पर कोई बदलाव नहीं होने देंगे। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा है कि हमने पीछे भी इस तरह के कई मामलों को सुलझाया है और इस बार भी कमर कस ली है।

वहीं दूसरी तरफ भारत ने भी अरूणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख और उत्तर सिक्किम में अपनी सेना को बढ़ाया है। हांलाकि कुछ सूत्रों से ये भी जानकारी मिली है कि मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन भारत ने ये तय कर लिया है कि इस बार नहीं बख्शा जाएगा।

वहीं भारत के सुरक्षा अधिकारियों ने ये जानकारी दी है कि चीन की इसलिए हरकत कर रहा है क्योंकि उसका मुख्य उद्देश्य भारत को दरबूक-शयोक-दौलत बेग ओल्डी मार्ग को पूरा करने से रोकना है। क्योंकि उसको ये पता है कि यदि ये सड़क पूरी तरह से बन गई तो भारत के सैनिकों की आवाजाही काफी आसान हो जाएगी।

बता दें कि विगत समय में भी चीन ने सामने से आकर इस मार्ग को बनने में अवरोध उत्पन्न किया था जो अभी भी जारी है। इसी के मद्देनजर लद्दाख में चीन ने अपने 5000 सैनिकों को तैनात कर दिया है जिसके बाद भारत ने भी अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है।

ये भी पढ़े: चालबाज चीन से निपटने की तैयारी, पीएम मोदी ने अजीत डोभाल और सेना प्रमुखों के साथ की बैठक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.