श्रमिक स्पेशल ट्रेन में दूध न मिलने से 4 साल के मासूम ने तोडा दम, एक महिला की भी मौत

संवाद न्यूज़ डेस्क

देश में लागू लॉकडाउन विभिन्न स्थानों पर फंसे लोगों के लिए दोमुहां सांप बन चुका है। यदि प्रवासी बाहर ही रूके रह गए तो खाए बिना मर जाएंगे और यदि अपने घर के लिए निकले तो किसी कारणवश बीच रास्ते में मर रहे हैं। सरकार ने लॉकडाउन में ढील तो दे दी है लेकिन ये पहले के मुताबिक और भी खतरनाक साबित हो रहा है।

बता दें सोमवार को बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर पहुंचे दो लोगों की मृत्यु हो गई। जिसमें 4 वर्ष का एक मासूम बच्चा इरशाद और 30 वर्ष की एक महिला शामिल है। ये लोग दिल्ली से चले थे और बिहार जा रहे थे।

बेतिया के चनपटिया का रहने वाला मोहम्मद पिंटू परिवार के साथ दिल्ली में रह कर नौकरी करता था। जब लॉकडाउन की वजह से समस्याएं बढ़ने लगीं तो उसने घर जाने का फैसला कर लिया। जिसके बाद आनंद विहार-दानापुर एक्सप्रेस के माध्यम से पटना जा पहुंचा। इसके बाद दूसरी ट्रेन पकड़कर मुजफ्फरपुर पहुंच गया।

तभी अचानक मासूम बच्चे के साथ ये दुखद हादसा हो गया। इरशाद की मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। फिलहाल घटना की जानकारी मिलने के बाद जीआरपी ने मुजफ्फरपुर में बच्चे के शव को नीचे उतार कर परिवार के साथ ही एक एंबुलेंस के माध्यम से घर के लिए भेज दिया।

रेलवे विभाग के ही एक प्रवक्ता ने ये जानकारी दी कि बच्चा बीमार था और दिल्ली से आ रहा था। अब पोस्टमार्टम के बाद पता चलेगा कि मौत की वजह क्या थी।

वहीं दूसरी तरफ एक 30 वर्ष की महिला जिसका नाम अर्बिना खातून है उसकी भी मृत्यु हो गई। बताया जाता है कि वो भी अपनी बहन के साथ अहमदाबाद में रहती थी। मिली जानकारी के अनुसार अर्बिना भी बीमार थी और उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। वो भी लॉकडाउन की वजह से ही अपने घर कटिहार जा रही थी। लेकिन इसी दौरान अहमदाबाद-मधुबनी स्पेशल ट्रेन में उसकी मृत्यु हो गई।

जीआरपी के डीएसपी रमाकांत उपाध्याय ने इस पूरे प्रकरण पर जानकारी देते हुए बताया कि इन दोनों की मृत्यु बीच रास्ते में ही हो चुकी थी। जब ये लोग मुजफ्फरपुर आए तब पुलिस ने कानूनी कार्रवाई के बाद शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया।

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