वाराणसी में फ्लाइओवर हादसे में 18 की मौत, पहुंचे सीएम ने हर संभव मदद का दिया आश्वासन

कैंट रेलवे स्टेशन के पास निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा मंगलवार शाम करीब 5.20 बजे गिर गया. इसमे दर्जन भर से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. इस मामले में केशव मौर्या ने चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया. वहीं घायलों का हाल जानने के लिए वाराणसी देर रात सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंच गए. उन्होंने अलग—अलग अस्पतालों में जाकर लोगों से मुलाकात की, और हर संभव मदद का आश्वासन दिया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषी अधिकारियों को नहीं बख्सा जाएगा. वहीं उप्र के राहत आयुक्त संजय कुमार ने वाराणसी में निर्माणाधीन पुल ढहने से अभी तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि की है.

एक महिला समेत 12 के शव निकाले जा चुके थे. पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि आठ से 10 मोटरसाइकिल भी इसकी चपेट में आए हैं. अधिकारियों ने मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जतायी है. एक दर्जन से अधिक घायलों को मंडलीय अस्पताल एवं बीएचयू के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है. राहत कार्य में सेना के जवान व एनडीआरएफ की टीम लगी है. बनारस से कई जिलों को जोड़ती है यह रोड— मंगलवार शाम कैंट रेलवे स्टेशन के पास जिस रोड पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा गिरा है, वह कई जिलों को बनारस से जोड़ती है. इस रोड से ही भदोही, इलाहाबाद के अलावा मिर्जापुर, सोनभद्र होते मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के लिए वाहनों का आवागमन होता है. इनमें यात्री वाहनों के अलावा व्यावसायिक वाहन भी होते हैं. वहीं राजघाट पुल से भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित होने के बाद गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़ से चंदौली, बिहार और झारखंड जाने वाले बड़े वाहन भी कैंट-लहरतारा रोड से हाईवे पहुंचते हैं.

इस नाते इस रोड पर छोटे व बड़े वाहनों का हमेशा दबाव रहता है. यहां अमूमन जाम की स्थिति रहती है. प्रशासन ने पुल गिरने के कुछ घंटे बाद ही कार्रवाई करके चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड होने वाले अधिकारियों में चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर एचसी तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर केआर सूदन, सहायक अभियंता राजेश सिंह और अवर अभियंता लालचंद शामिल हैं. राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने व्यक्त किया दुख— राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुल हादसे पर शोक व्यक्त किया है. प्रधानमंत्री ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात की और घायलों को हरसंभव मदद मुहैया कराने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे में मृत लोगों के परिजनों को पांच लाख जबकि घायलों को दो-दो लाख रुपये की मदद देने का निर्देश दिया है. वहीं निर्माणाधीन फ्लाईओवर के गिरने के कारणों की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है. समिति के अध्यक्ष कृषि उत्पादन आयुक्त आरपी सिंह होंगे।

समिति में जल निगम और सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने समिति से 48 घंटे में जांच रिपोर्ट मांगी है. चार अधिकारी निलंबित- मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने वाराणसी में पुल गिरने के मामले में सेतु निगम के चीफ़ प्रोजेक्ट मैंनेजर एचसी तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर राजेन्द्र सिंह और के.आर सूडान को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही एक अन्य कर्मचारी लालचंद को भी सस्पेंड किया गया है. यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्विट कर के दी. इन अधिकारियों पर आरोप हैं कि निर्माण के दौरान उन्होंने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया। सभी अधिकारियों को जल्द ही आरोप पत्र दिये जाएंगे।. कई क्रेन पहुंचीं, भीड़ के चलते राहत कार्य में बाधा— राहत और बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, पुलिस की कई टीमें जुटीं हैं। पुल की शटरिंग हटाने के लिए आधा दर्जन क्रेन भी पहुंच गईं हैं

लेकिन वजनी पिलर टस से मस नहीं हो पा रहे हैं। मौके पर जमा भारी भीड़ के कारण भी राहत और बचाव कार्य में बाधा आई। कैंट और लहरतारा की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर यातायात रोक दिये जाने के बाद भी सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गये हैं। पूर्व सीएम अखिलेश ने की ईमानदारी से जांच की मांग— प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने इस घटना की सूचना मिलते ही ट्वीट किया. उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि ‘मैं यहां योगी आदित्यनाथ सरकार सरकार से यह अपेक्षा करता हूं कि वाराणसी के इस हादसे में वह केवल मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं भागेगी. इस मामले में सरकार से पूरी ईमानदारी से जांच की भी अपेक्षा है. उम्मीद है कि सरकार ईमानदारी से इस हादसे की जांच करवायेगी.’ उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे लोग घटनास्थल पर बचाव दल का हर संभव सहयोग करें.

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