रोहित सरदाना गलत हैं तो क्या हामिद अंसारी सही थे?

संवाद न्यूज (हिमांशु राय)

शायद इस देश में सच्चाई किसी को पसंद ही नहीं है।  जब लोग सच बातें करने लगते हैं तो दूसरों को समस्याएं होने लगती हैं मुकदमे दर्ज होने लगते हैं, सच बोलने वाले पर तमाम धाराएं लग जाती हैं। इतना ही नहीं उसे सलाखों के पीछे रखने की भी व्यवस्था की जाने लगती है। आखिर ऐसा कब तक होता रहेगा आखिर कब तक दबते रहेंगे लोग और कब तक सच बोलने से दबाते रहेंगे लोग।  वैसे तो संविधान में बहुत से नियमों का उल्लेख है अगर ध्यान से देखा जाए तो उसमें से शायद ही कोई ऐसा अनुच्छेद होगा जिसका लोग बहुत ही अच्छे से पालन करते हैं। अगर संविधान का और नियमों का इतना ही पालन किया जाता तो शायद आज यह देश इतना भ्रष्टाचार की दहलीज पर खड़ा ना होता। 

जिस तरह से रोहित सरदाना के खिलाफ पिछले कुछ समय से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उनके एक ट्वीट पर बवाल मचा हुआ है। जहां एक तरफ मुस्लिम धर्म के लोग उनका विरोध कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ इसाई धर्म भी इस मामले में बखूबी साथ निभा रहा है। जी हां रोहित सरदाना जो कि “आजतक” के टीवी  एंकर हैं। उन्होंने एक ट्वीट किया था जिस पर चारों तरफ का माहौल गर्म दिखाई दे रहा है। खासतौर से इस मुद्दे पर मुस्लिम और ईसाई धर्म के लोग काफी विरोध जता रहे हैं इतना ही नहीं हैदराबाद में उनके खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं।

जी हां हैदराबाद के पुरानी हवेली इलाके में उनके खिलाफ सड़कों पर भारी संख्या में मुस्लिम और ईसाई धर्म के लोग विरोध जता रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कमिश्नर के दफ्तर के बाहर भी विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की।  इतना ही नहीं विरोध करने वाले लोगों की मांग है कि रोहित सरदाना के खिलाफ कार्रवाई की जाए क्योंकि उन्होंने अपने ट्वीट के माध्यम से ईश निंदा की है।  वहीं दूसरी तरफ अगर देखा जाए तो शिया समुदाय के मौलाना निसार हुसैन हैदर अगा के नेतृत्व में लोग जमकर प्रदर्शन कर रहे थे। डिप्टी पुलिस कमिश्नर वी. सत्यनारायण को इस बारे में एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें कहा गया कि मामला पहले ही दर्ज कर लिया गया है।

आपको बताना चाहेंगे कि रोहित सरदाना ने जो ट्वीट किया है उसमें यह लिखा है कि अभिव्यक्ति की आजादी फिल्मों के नाम सेक्सी दुर्गा और सेक्सी राधा रखने में ही है क्या? उन्होंने यह भी कहा है कि कभी आपने सेक्सी फातिमा, सेक्सी आएशा या सेक्सी मेरी जैसी फिल्मों का नाम सुना है?

इसी  ट्वीट पर बवाल मचाते हुए रोहित सरदाना के खिलाफ मीरा रोड स्थित नया नगर पुलिस थाने में आईपीसी की धारा 295ए और 153 ए के तहत शिकायत दर्ज की गई थी।  इन दोनों धाराओं में धर्म, नस्ल, जन्म स्थान, क्षेत्र तथा भाषा सरीखी चीजों के आधार पर विभिन्न समूहों में दुश्मनी करना शामिल होता है। जिस ट्वीट पर हल्ला हो रहा है और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जा रही हैं  वो  ट्वीट 16 नवंबर को पोस्ट किया गया था। उन्होंने यह भी पूछा था कि अब दूसरे नामों के आगे इस्तेमाल किया जाए तब कैसा लगेगा ।

कुछ महीने पहले भी रोहित सरदाना को एक मुस्लिम ने धमकी दी थी और उस समय भी ट्वीट का ही मामला सामने आया था।रोहित सरदाना ने जी न्यूज पर आने वाले नंबर वन डिबेट शो ताल ठोक के की जानकारी देते हुए ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने  भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को घेरते हुए कहा था कि मुस्लिमों की बेचैनी समझने में आखिर अंसारी ने इतना देर क्यों कर दिया।

 ये ट्वीट एक मुस्लिम शख्स को पसंद नहीं आया और उसने रीट्वीट करते हुए कहा कि 2019 में तुम्हारी नाल ठोकी जाएगी। तब तक तुम जहर फैलाते रहो। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब हामिद अंसारी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय खतरे में है तो मुस्लिम समुदाय के अंदर इतनी ताकत कहां से आ गई उसने धमकी तक दे डाली। क्या पद संभालने तक उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को मुसलमान सुरक्षित दिखाई दे रहे थे? क्या उनके पद छोड़ते ही मुसलमान खतरे में पड़ गया? आखिर ऐसा विवादित बयान जब एक देश के उपराष्ट्रपति दे सकते हैं तो एक टीवी एंकर अगर अपनी भावनाओं का व्याख्यान करता है तो वह कहां गलत माना जा रहा है वह क्यों गलत माना जा रहा है?  क्या विवादित बयान देने के लिए देश का राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति प्रधानमंत्री होना ही जरूरी है क्या?

 

Note- आप भी अपनी खबरे हम तक पहुँचा सकते है आप हमारे सिटीज़िन रिपोर्टर भी बन सकते है संवाद न्यूज़ हर जनता की आवाज उठाएगा आप अपनी खबरे हमे मेल कर सकते है

Email- bharatsamvadnews198@gmail.com

Whatsapp No- 9935111129

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *