चारा घोटाला: लालू समेत 15 आरोपी दोषी करार, सजा 3 जनवरी को

संवाद न्यूज ब्यूरो

 

बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है और अब सस्पेंस खत्म हुआ, लालू अब अपना नया साल जेल में ही मनाएंगे। कोर्ट का फैसला सुनते ही लालू ने कहा- ये क्या हुआ? लालू शायद जगन्नाथ मिश्रा के बरी होने की खबर के बाद आश्वस्त थे कि उन्हें भी बरी ही कर दिया जाएगा, लेकिन अदालत के फैसले ने लालू को परेशानी को बढ़ा दिया।

 

फिलहाल लालू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें होटवार जेल ले जाया जा रहा है। लालू की सजा का एलान अब तीन जनवरी को होगा। लालू यादव के साथ ही पंद्रह आरोपियों को दोषी करार दिया गया है और जगन्नाथ मिश्रा सहित सात लोगों को रिहा कर दिया गया है। इस मामले में लालू की 1990 की अर्जित संपत्ति भी अटैच की जाएगी।

 

 

सभी आरोपियों के कोर्ट पहुंचते ही कोर्ट की कार्रवाई शुरू हुई और इस बहुप्रतीक्षित मामले में कोर्ट ने आज अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट के बाहर काफी संख्या में राजद के नेता और कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रही। सीबीआई के जज शिवपाल सिंह ने लालू यादव का फैसला सुनाया। पहले फैसले का समय सुबह ग्यारह बजे तय था, लेकिन लालू यादव के वकील चितरंजन प्रसाद ने जानकारी दी थी कि ग्यारह बजे के बदले अब दोपहर तीन बजे तक फैसला सुनाया जाएगा। उसके बाद लगातार इंतजार जारी था और तीन बजे के बाद जज ने यह फैसला सुनाया।

 

 

आज सुबह साढ़े दस बजे के बाद जैसे ही लालू यादव रांची स्थित रेलवे के गेस्ट हाउस से कोर्ट के निकले, उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं ने घेर लिया। कोर्ट जाने से पहले लालू ने कहा कि फैसला जो भी आए सभी लोग संयम बरतें, मैं बिहार की जनता का आभारी हूं। उन्होंने कहा कि न्यायालय पर पूरा भरोसा है, फैसला जो भी आए हर आदमी लालू यादव बनकर बीजेपी के खिलाफ खड़ा होगा और भाजपा को जड़ से उखाड़ फेंकेगा।

 

 

लालू ने कहा कि जो भी फैसला आएगा लालू को मंजूर है, मेरे बाद मेरा बेटा तेजस्वी है ना, पूरा देश, पूरी जनता देख रही है कि मुझे और मेरे परिवार को किस तरह भाजपा परेशान करने की कोशिश हो रही है उसमें वो कामयाब नहीं होंगे। एक लालू को जेल भेजेंगे तो एक लाख लालू अब पैदा होगा, लालू ने गरीब जनता की लड़ाई लड़ी है और लड़ता रहेगा।

 

लालू के साथ उनके बड़े बेटे तेजस्वी भी कार में बैठकर कोर्ट पहुंचे थे। तेजस्वी ने कहा कि मैंने बचपन से देखा है कि मेरे पिता ने गरीबों के लिए किस कदर लड़ाई लड़ी है? मेरे पिता लालू यादव जी एक नाम नहीं, एक विचारधारा का नाम है। मेरे पिता हमेशा ही मुसीबतों को झेलते रहे हैं, लेकिन उन्होंने कभी अपना कदम पीछे नहीं हटाया है। मैंने अपने पिता से सीखा है कि किस तरह मुसीबतों से लड़ना है। भाजपा जिस तरह से मेरे पिता और परिवार को तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है वो जनता देख रही है।

 

फैसले पर रही पूरे देश की नजर

इस बड़े फैसले पर पूरे देश की नजर टिकी हुई थी। दो बजे के बाद ही राजद के बड़े नेता और कार्यकर्ता धीरे-धीरे रांची के सीबीआइ की स्पेशल कोर्ट पहुंचने लगे थे। फैसले के बाद राजद के समर्थकों को बड़ा झटका लगा है।

 

तेजप्रताप यादव ने पिता के लिए की पूजा अर्चना

लालू के साथ उनके छोटे बेटे तेजस्वी जहां रांची में हैं, तो वहीं बड़े बेटे तेजप्रताप यादव मां राबड़ी के पास पटना में हैं। तेजप्रताप ने सुबह पूजा-पाठ की और लालू के लिए दुआएं मांगीं। पटना में भी राजद के बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच गहमागहमी देखी जा रही है। हालांकि लालू आवास पर सन्नाटा छाया हुआ है। राबड़ी देवी टीवी पर पल-पल की खबर रख रही हैं।

 

पैतृक गांव में भी हो रही थी पूजा

लालू प्रसाद के पैतृक गांव फुलवरिया के ग्रामीणों की बेचैनी बढी रही और गांव के दुर्गा मंदिर में ग्रामीण लालू प्रसाद के बरी होने के लिए पूजा अर्चना कर रहे थे। इस मंदिर को लालू प्रसाद ने ही बनवाया है। मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे लालू प्रसाद के भतीजा नितेश कुमार , पोता लवकुश , मंदिर के महंथ हीरामन दास आदि का कहना है कि लालू प्रसाद को साजिश के तहत चारा घोटाले में फंसाया गया है।

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