उमा की पाठशाला में विभिन्न जिलों से पहुंचे ग्राम प्रधान

संवाद न्यूज ब्यूरो

 

केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा स्वच्छता मंत्री उमा भारती एवं मंत्रालय के अधिकारियों से गंगा की निर्मलता एवं अविरलता के गुर सीखने विभिन्न जिलों के ग्राम प्रधान दिल्ली पहुंचे। मंत्रालय की ओर से उत्तर प्रदेश के 250 ग्राम प्रधानों को गंगा ग्राम सम्मेलन में बुलाया गया। उनके साथ संबधित अधिकारी और प्रतिनिधि भी हैं।

 

यहां नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत आज गंगा ग्राम परियोजना को औपचारिक रूप से लांच किया गया। इस कार्यक्रम में सभी संबंधित पक्ष भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य गंगा नदी के तट पर स्थित गांव में सम्पूर्ण स्वच्छता लाना है। उल्लेखनीय है कि गंगा ग्राम परियोजना के तहत ठोस-द्रव कचरा प्रबंधन, जलाशयों का पुनरूद्धार, जल संरक्षण परियोजनाएं, जैविक खेती, बागवानी तथा औषधीय पौधों को प्रोत्साहन देना शामिल है।

 

कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी संबोधित किया। गंगा तट पर बसे गांवों को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने के पश्चात मंत्रालय व राज्य सरकारों ने 24 ऐसे गांवों की पहचान की है, जिन्हें गंगा ग्राम में परिवर्ति‍त किया जाएगा। ये गांव स्वच्छता का मानदंड स्थापित करेंगे। इन गांवों को 31 दिसंबर 2018 तक गंगा ग्राम में बदलने का लक्ष्य है।

 

दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाले सम्मेलन में गंगा किनारे के गांवों को गंगा ग्राम के नाम से पहचान दिलाए जाने के लिए शुरू किए गए प्रयास एवं भावी कार्ययोजना के संबंध में प्रधानों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। जिला पंचायत राज से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक विभिन्न जिलों के ग्राम प्रधान और जिला पंचायत राज अधिकारी दिल्ली रवाना हो गए है।

 

आपको बताते चलें कि इस सम्मेलन में कन्नौज, हापुड़, हरदोई, फर्रुखाबाद, कानपुर, फतेहपुर, रायबरेली, उन्नाव इलाहाबाद, वाराणसी और बलिया समेत विभिन्न जिलों से गंगा किनारे बसे गांवों के प्रधानों को गंगा की निर्मलता और अविरलता के लिए जरूरी टिप्स दिए जाएंगे। इस सम्मेलन में जिला पंचायत राज अधिकारी भी शिरकत करेंगे। सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री उमा भारती कर रही हैं।

 

2017 में 5 गंगा राज्यों उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के सक्रिय सहयोग से मंत्रालय ने सभी 4470 गंगा गांवों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया था। पेयजल व स्वच्छता मंत्रालय स्वच्छ भारत मिशन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रही है। अक्टूबर, 2014 में मिशन के लांच होने के बाद मंत्रालय ने 6 राज्यों व 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 260 जिलों में स्थित 2.95 लाख गांवों में 5.2 करोड़ शौचालयों का निर्माण किया है और इन गांवों को खुले में शौच से मुक्त घोषित कि‍या है।

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