लोकसभा में कल तीन तलाक पर पेश हो सकता है विधेयक

संवाद न्यूज ब्यूरो

 

संसद का शीतकालीन सत्र अभी तक हंगामेदार रहा है। इस बीच लोकसभा में तीन तलाक पेश करने की तैयारी है। सरकार शुक्रवार को इसे संसद में पेश कर सकती है। अभी इसे सांसदों में बांटा गया है। आपको बता दें कि पिछले हफ्ते ही कैबिनेट ने इस बिल को मंजूरी दी है।

 

संसद में चल रहे गतिरोध पर केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का कहना है कि, कांग्रेस पार्टी हार चुकी है, निराशा में है। इसलिए संसद में गतिरोध पैदा कर रहे हैं इससे कोई फायदा होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि, काम में रुकावट पैदा कर रहे हैं मैं एक बार फिर आग्रह करता हूं दोनों सदनों में चर्चा और काम में शामिल हो।

 

गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावी नतीजों के बाद चुनाव प्रसार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मनमोहन सिंह पर दिए बयान को लेकर विपक्ष माफी की मांग कर रहा है। इसी के चलते इस साल पेश होने वाले कई महत्वपूर्ण विधेयक भी अटके हुए हैं। सरकार ‘द मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स इन मैरिज एक्ट’ नाम से इस विधेयक को ला रही है।

 

यह कानून सिर्फ तीन तलाक (INSTANT TALAQ, यानि तलाक-ए-बिद्दत) पर ही लागू होगा। इस कानून के बाद कोई भी मुस्लिम पति अगर पत्नी को तीन तलाक देगा तो वो गैर-कानूनी होगा। तीन तलाक वह चाहें मौखिक हो, लिखित और या मैसेज में, वह अवैध होगा। अगर कोई तीन तलाक देता है तो उसको तीन साल की सजा के साथ जुर्माना होगा।

 

इसमें मजिस्ट्रेट तय करेगा कि कितना जुर्माना होगा। इस बिल के मुताबिक पीड़ित महिला मजिस्ट्रेट से नाबालिग बच्चों के संरक्षण का भी अनुरोध कर सकती है। मजिस्ट्रेट इस मुद्दे पर अंतिम फैसला करेंगे। प्रस्तावित कानून जम्मू-कश्मीर को छोड़कर पूरे देश में लागू होगा है। तीन तलाक पर कानून बनाने के लिए पीएम मोदी ने एक मंत्री समूह बनाया था, जिसमें राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, रविशंकर प्रसाद, पीपी चौधरी और जितेंद्र सिंह शामिल थे।

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