“सुनो, वापस जल्दी आना, देहरादून की ये गलियां आपकी राह देख रही हैं !

संवाद न्यूज़ (अनुप्रिया)
“सुनो, वापस जल्दी आना, देहरादून की ये गलियां आपकी राह देख रही हैं।” अब नितिका डौंड़ियाल के पास ये कहने के लिए कोई नहीं है। उनके पति शहीद मेज़र विभूति डौंड़ियाल को 19 फरवरी को आखिरी बिदाई दी गयी। नम आँखों से जब नितिका ने ताबूत से उनका चेहरा देखते हुए कहा, ‘तुमने मुझसे झूठ बोला था कि तुम मुझसे प्यार करते हो। वास्तव में आप राष्ट्र से अधिक प्यार करते थे।

मुझे काफी जलन हो रही है और मैं इसका कुछ नहीं कर सकती।’ ये मंज़र देख कर सबकी आँखें नम थीं और गर्व भी था नितिका की हिम्मत और पति के लिए प्यार देख कर। 34 साल के मेजर ढौंडियाल का पार्थिव शरीर सोमवार रात देहरादून के नैशविले रोड इलाके में उनके आवास पर लाया गया। मेजर को उनकी मां सरोज ढौंडियाल, दो बड़ी बहनें, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, सेना के जवान, कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने मंगलवार सुबह अंतिम सम्मान दिया।

Photo Source- Social Media

बारिश के बीच नितिका ने पहले ताबूत को छुआ, फिर अपने पति के चेहरे को और फिर अपने आंसू पोंछे और दूर से उन्हें चूमा। नितिका ने कहा, ‘हम सब आपसे प्यार करते हैं। आपने (राष्ट्र के) लोगों के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। आप एक बहादुर आदमी हैं।

मैं तुम्हें अपने पति के रूप में पाकर बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं। अपनी अंतिम सांस तक मैं आपको, विभु को हमेशा प्यार करती रहूंगी। यह दुखद है कि आप जा रहे हैं, लेकिन मुझे पता है कि आप हमेशा आसपास रहेंगे। मैं सभी से सहानुभूति नहीं दिखाने का अनुरोध करती हूं, बल्कि सब मजबूत हों। आइए इस आदमी को सलाम करते हैं।’

पिछले साल ही दोनों की शादी हुई थी और नितिका डौंड़ियाल ने शादी की पहली सालगिरह किस तरह से मनाना है क्या क्या तैयारियां करनी है उन सबका हिसाब सोच कर रखा था कि किस तरह से पति को सरप्राइज देना है किस तरह से दिन को बिताना है। पर वक़्त का ही खेल था जो खुशियां कुछ यूँ ही गम में तब्दील हो गयी।

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